6 दिसंबर 2014 - 07:29
 इराक़ के नागरिक चेहलुम के मौक़े पर अपने शहरों को ख़ाली न छोड़ें।

इराक़ के वरिष्ठ धर्मगुरु आयतुल्लाह सैय्यद अली सीस्तानी ने इराक़ी नागरिकों से कहा है कि इमाम हुसैन (अ) के चेहलुम के अवसर पर अपने शहरों और क़स्बों को ख़ाली न छोड़ दें।

इराक़ के वरिष्ठ धर्मगुरु आयतुल्लाह सैय्यद अली सीस्तानी ने इराक़ी नागरिकों से कहा है कि इमाम हुसैन (अ) के चेहलुम के अवसर पर अपने शहरों और क़स्बों को ख़ाली न छोड़ दें।
इराक़ के पवित्र शहर करबला में आयतुल्लाह सीस्तानी के प्रतिनिधि ने शुक्रवार को नमाज़े जुमा के दौरान यह एलान किया।उन्होंने इराक़ी जनता से कहा कि इमाम हुसैन (अ) के चेहलुम के अवसर पर हर समय से अधिक होशियार रहें और ऐसे शहरों और क़स्बों कि जिन पर आतंकवादी क़ब्ज़ा कर सकते हैं, पूर्ण रूप से ख़ाली नहीं छोड़ें।याद रहे कि इमाम हुसैन के चेहलुम के अवसर पर इराक़ और दुनिया भर से करोड़ों अज़ादार इमाम हुसैन का ग़म मनाने के लिए पवित्र शहर करबला पहुंचते हैं। विशेष रूप से इराक़ी नागरिक सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर करबला पहुंचते हैं। जिससे इराक़ में पूरे पूरे शहर और क़स्बे ख़ाली हो जाते हैं।इसी प्रकार, करबला में आयतुल्लाह सीस्तानी के प्रतिनिधि सैय्यद  अहमद साफ़ी ने इराक़ी सेना से कहा कि वह किसी भी स्थिति में आतंकवादियों के क़ब्ज़े से आज़ाद कराए गए इलाक़ों को ख़ाली न छोड़े और इन इलाक़ों की कड़ी रक्षा करे।